Mobile Tower : अब अरावली में नहीं बजेगी मोबाइल की घंटी, पहाड़ों में लगे मोबाइल टावरों को हटाने के नोटिस जारी

Mobile Tower : अरावली वन क्षेत्र को अतिक्रमण और अवैध निर्माण से मुक्त कराने के लिए वन विभाग ने एक बार फिर सख्त रुख अपना लिया है। विभाग ने प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों एयरटेल (Airtel), जियो (Jio), और वोडाफोन (Vodafone-Idea) को वन क्षेत्र में अवैध रूप से लगाए गए मोबाइल टावर्स को हटाने के लिए नोटिस जारी किया है।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इन कंपनियों ने वन क्षेत्र की सीमा का उल्लंघन करते हुए संवेदनशील अरावली भूमि पर ये टावर स्थापित किए थे, जो नियमों का खुला उल्लंघन है।

नोटिस में कंपनियों को स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि उन्हें दस दिनों के भीतर ये सभी मोबाइल टावर स्वयं हटाने होंगे। यदि कंपनियां निर्धारित समय-सीमा के भीतर इन अवैध टावरों को नहीं हटाती हैं, तो वन विभाग स्वयं कार्रवाई करेगा और इन टावरों को ढहा दिया जाएगा।
विभाग ने यह भी साफ कर दिया है कि टावर गिराने में जो भी खर्च आएगा, उस पूरी राशि को संबंधित टेलीकॉम कंपनियों से वसूला जाएगा। इस कदम से स्पष्ट है कि विभाग अब अरावली में किसी भी तरह के अवैध निर्माण को बर्दाश्त नहीं करेगा।

वन विभाग की यह कार्रवाई अरावली वन क्षेत्र में अवैध निर्माण के खिलाफ शुरू किए गए व्यापक अभियान का हिस्सा है। इससे पहले, विभाग ने शुक्रवार को भी एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अरावली वन क्षेत्र में जाने वाली मुख्य सड़क को खोद दिया था, ताकि अवैध आवाजाही और निर्माण सामग्री के प्रवेश को रोका जा सके।
अधिकारियों ने बताया कि अरावली की पारिस्थितिकी (Ecology) और हरियाली को बचाने के लिए यह अभियान लगातार जारी रहेगा। इस सख्त कार्रवाई से उन सभी तत्वों को कड़ा संदेश दिया गया है जो वन कानूनों का उल्लंघन कर अरावली के पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहे हैं।










